About Us, Climate Week India

हमारे बारे में

‘क्लाइमेट वीक इंडिया’ पर्यावरण से जुड़े कामों के लिए एक देशव्यापी और समुदाय के स्वामित्व वाला प्लेटफ़ॉर्म है। इसे कोई एक व्यक्ति नहीं चलाता, बल्कि सभी मिलकर इसे बनाते हैं। इसे संगठनों और व्यक्तियों का एक समूह मिलकर चलाता है, जो सभी एक जैसे वादों पर सहमत होते हैं।

गठबंधन जो कुछ भी करता है, वह ‘सामुदायिक समझौतों’ के आधार पर ही तय होता है। लक्ष्य भी इन्हीं समझौतों पर आधारित हैं, और ‘कोड ऑफ़ कंडक्ट’ आचार संहिता यह बताता है कि साथ आने पर हम एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। कोई भी संस्था या व्यक्ति इस गठबंधन का हिस्सा बन सकता है, बशर्ते वे इन समझौतों और नियमों से सहमत हों। सामुदायिक समझौते लक्ष्य आचार संहिता

आप हमारे ब्लॉग पर देख सकते हैं कि यह सब महीने-दर-महीने कैसे आकार लेता गया। हमारे ब्लॉग

सामुदायिक समझौते

ये मार्गदर्शक सिद्धांत ‘सामुदायिक समझौते की प्रक्रिया के ज़रिए तैयार किए गए थे, जिसे 11 अप्रैल, 2025 को ‘क्लाइमेट वीक पार्टनर्स मीटिंग’ में आयोजित किया गया था। पार्टनर्स को आमंत्रित किया जाता है कि वे आपसी सहयोग की प्रक्रिया के ज़रिए इनमें लगातार सुधार करते रहें।

क्लाइमेट वीक इंडिया के पार्टनर के तौर पर, हम सब मिलकर इस बात से सहमत हैं कि…

यहाँ हर एग्रीमेंट आसान भाषा में लिखा गया है। उनमें से किसी पर भी बने एरो पर क्लिक करके आप उस मूल भाषा में पढ़ सकते हैं जिस पर कम्युनिटी ने सहमति जताई थी।

  1. हम सभी को शामिल करेंगे। खासकर उन लोगों को जिन्हें आम तौर पर छोड़ दिया जाता है — वे ऐसी चीज़ें देखते हैं जो हम नहीं देख पाते। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हम नए लोगों और अक्सर नज़रअंदाज़ किए जाने वाले संबंधित पक्षों को बातचीत में शामिल करेंगे, ताकि मुद्दों और उनके समाधानों के बारे में हमारी समझ बेहतर हो सके।
  2. हम लोगों को सिर्फ़ डराएंगे नहीं। पर्यावरण से जुड़ी खबरें डरावनी लग सकती हैं। जब भी हम किसी चिंताभरी बात पर चर्चा करेंगे, तो हम उम्मीद की बात भी करेंगे। और लोगों को ऐसा समाधान बताएंगे की जो वे असल में कर सकते हैं। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था क्लाइमेट वीक के दौरान हम जो इवेंट्स और कंटेंट पेश करेंगे, उनमें ऐसे विषयों का ध्यान रखा जाएगा जिनसे क्लाइमेट से जुड़ी चिंता बढ़ सकती है। चिंता के हर विषय के साथ, हम निश्चित करेंगे कि चिंता को कम करने के लिए हम उम्मीद से भरे समाधान भी बताएंगे जिससे लोगों को कुछ करने के लिए प्रेरित हो सके।
  3. हम पूरे साल बात करते रहेंगे। सिर्फ़ क्लाइमेट वीक के दौरान ही नहीं। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था क्लाइमेट वीक सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए साल भर पर्यावरण पर बातचीत जारी रखने में मदद करेगा।
  4. हम कुछ ऐसा बनाएंगे जो लंबे समय तक चले। इवेंट्स तो खत्म हो जाते हैं, लेकिन कम्युनिटी और काम जारी रहता है।
  5. हम चीज़ों को साफ़-साफ़ समझाएंगे। हम इस बात का ध्यान रखेंगे कि कौन सुन रहा है, ज़रूरत पड़ने पर चीज़ों को आसान करके बताएंगे, और हमें सवाल पूछे जाने पर खुशी होगी। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हम हिस्सा लेने वाले लोगों का ध्यान रखेंगे और विषयों को आसान बनाकर समझाने के साथ-साथ सवालों के जवाब देने के लिए भी तैयार रहेंगे।
  6. हम कठिन शब्दों से बचेंगे। कोई भ्रमित करने वाली भाषा नहीं इस्तेमाल होगी। No confusing jargon. जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हम मुश्किल शब्दों या तकनीकी भाषा का इस्तेमाल कम से कम करेंगे।
  7. हम अपनी योजना पर टिके रहेंगे। हम उन लक्ष्यों, नियमों और वादों का पालन करेंगे जो हमने मिलकर तय किए हैं। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हमारा लक्ष्य ‘क्लाइमेट वीक इंडिया 2025’ के तय लक्ष्यों, आचार संहिता और कम्युनिटी एग्रीमेंट्स के अनुसार इवेंट्स चलाना है।
  8. हम अपने पास मौजूद चीज़ें शेयर करेंगे। जगह , सामान और मदद करने वाले लोग — इस तरह से शेयर करेंगे जो सभी तरह की कम्युनिटीज़ के लिए सही हों। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हम रिसोर्स (जैसे वेन्यू, वेंडर, मटीरियल) के इस्तेमाल में मिल-जुलकर काम करने की कोशिश करेंगे, ताकि वे अलग-अलग तरह की कम्युनिटीज़ के लिए आसानी से उपलब्ध हों।
  9. हम मुद्दे पर बने रहेंगे। यह पर्यावरण के बारे में ही रहना चाहिए। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हम पर्यावरण पर बातचीत पर ध्यान देंगे और मुद्दे पर ही फोकस करेंगे।
  10. हमारा ध्यान कम्युनिटी, प्रकृति और धरती की खुशहाली पर रहेगा। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हम यह पक्का करेंगे कि बातचीत कम्युनिटी, परिस्थिति और स्थिरता जैसे विषयों पर ही हो।
  11. हम किसी पर दोष नहीं लगाएंगे या किसी को शर्मिंदा नहीं करेंगे। हम लोगों या ग्रुप्स पर उंगली नहीं उठाएंगे। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था ‘क्लाइमेट वीक इंडिया 2025’ के दौरान बातचीत का मकसद लोगों या ग्रुप्स को दोषी ठहराना या शर्मिंदा करना नहीं होगा।
  12. कम्युनिटी सबसे पहले है। कई ऑर्गनाइज़ेशन मिलकर इसे चला रहे हैं — वे सभी पर्यावरण और निष्पक्षता की परवाह करते हैं। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था कम्युनिटी-आधारित सिद्धांत ‘क्लाइमेट वीक 2025’ के केंद्र में हैं, जिसे पर्यावरणवादी और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध कई संस्थाए मिलकर चला रही हैं।
  13. स्थानीय लोग नेतृत्व करेंगे। हम मिलकर काम करते हैं, सबको शामिल करते हैं और ज़िम्मेदारी बांटते हैं — क्योंकि स्थानीय लोग जानते हैं कि उनकी कम्युनिटी को क्या चाहिए। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था मिलकर काम करने और सबको शामिल करके जिम्मेदारियां निभाने पर ध्यान देकर, हम स्थानीय लोगों को ऐसे समाधान खोजने के लिए सशक्त बनाते हैं जो हमारी कम्युनिटीज़ की खास ज़रूरतों और ताकतों को दर्शाती हैं।
  14. हर किसी को बराबरी का मौका मिलेगा। हमारे क्लाइमेट प्लान धरती के लिए अच्छे और निष्पक्ष होने चाहिए, उनमें शामिल होना आसान होना चाहिए, और वे स्थानीय लोगों की जानकारी पर आधारित होने चाहिए। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था यह हफ़्ता सामूहिक कार्रवाई की भावना को बढ़ावा देगा . यह पक्का करते हुए कि क्लाइमेट से जुड़ी रणनीतियाँ न केवल सस्टेनेबल हों, बल्कि निष्पक्ष, सुलभ और स्थानीय ज्ञान पर आधारित भी हों।
  15. हम बातचीत करने, सीखने और नए आइडिया आज़माने के लिए एक जगह बना रहे हैं — क्योंकि पर्यावरण में बदलाव से सबसे ज़्यादा प्रभावित लोगों को ही आगे बढ़कर नेतृत्व करना चाहिए। जैसा कि मूल रूप से तय किया गया था हम मिलकर बातचीत, सीखने और नई सोच (इनोवेशन) के लिए एक मंच बना रहे हैं। यह इस सिद्धांत को मज़बूत करता है कि पर्यावरण के लिए असरदार कदम वे लोग उठाते हैं जिन पर इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ता है।

लक्ष्य

ये लक्ष्य मई 2025 में ‘क्लाइमेट वीक इंडिया’ समुदाय ने मिलकर तय किए थे और ये ‘सामुदायिक समझौतों’ पर आधारित हैं।

हर लक्ष्य को यहाँ आसान भाषा में बताया गया है। असली शब्दों को पढ़ने के लिए किसी भी लक्ष्य के पास बने एरो पर क्लिक करें।

  1. अपने आस-पास हो रहे अच्छे कामों को दिखाएँ। भारत में बहुत से लोग पर्यावरण को लेकर समझदारी भरे काम कर रहे हैं — अक्सर युवा बिना ज़्यादा आर्थिक सहायता अच्छा काम कर रहे है। आइए, सिर्फ़ इस बारे में बात करने के बजाय कि सरकारों और बड़ी कंपनियों को क्या करना चाहिए, उन लोगों के कामों को सबके सामने लाएँ। जैसा कि मूल रूप से लिखा गया है स्थानीय पर्यावरण समाधानों को दिखाएँ और सराहें स्थानीय स्तर पर की गई पहल और नई सोच को उजागर करें, और पर्यावरण से जुड़े कामों में युवाओं की लीडरशिप और समुदाय की कोशिशों को पहचान दें।
  2. लोगों को समझने में मदद करें कि क्या हो रहा है। लेक्चर नहीं, बल्कि बातचीत, वॉक, फ़िल्में, वर्कशॉप — ऐसी चीज़ें जिनसे कोई व्यक्ति “मैंने क्लाइमेट चेंज के बारे में सुना है” वाली स्थिति से आगे बढ़कर यह समझ सके कि “मैं जहाँ रहता हूँ वहाँ क्या हो रहा है, और मैं इसके बारे में क्या कर सकता हूँ।” जैसा कि मूल रूप से लिखा गया है पर्यावरण के बारे में जानकारी और जागरूकता बढ़ाएँ इंटरैक्टिव सेशन और शिक्षा के ज़रिए लोगों को शामिल करके, जानकारी साझा करे और समझदारी भरे कामों के लिए प्रेरित करें। पर्यावरण के बारे में जानकारी दें और जागरूकता बढ़ाएँ।
  3. ऐसे लोगों को एक साथ लाएँ जो कभी एक-दूसरे से बात नहीं करते। किसान और वैज्ञानिक। छात्र और शहर के अधिकारी। कलाकार और इंजीनियर। हर किसी को इस बात की जानकारी है लेकिन पूरी जानकारी नहीं है। अच्छे विचार अक्सर तब सामने आते हैं जब सभी हिस्से एक साथ जुड़ते हैं। जैसा कि मूल रूप से लिखा गया है कई तरह के लोगों के बीच बातचीत और सहयोग को बढ़ावा दें खुली बातचीत, जानकारी के आदान-प्रदान और मिलकर समस्या सुलझाने को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग तरह के कौशल, अनुभव, नेटवर्क और क्षेत्रों के लोगों को एक साथ लाएँ।
  4. लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और बाद में भी संपर्क में रहने में मदद करें। हफ़्ता तो खत्म हो जाता है, लेकिन रिश्ते नहीं खत्म होने चाहिए। मकसद है संगठनों के बीच सौ नई कामकाजी दोस्ती बनाना, ऐसे हज़ार लोग जो अब एक-दूसरे को जानते हों, और कम से कम दस लोग जो पाँच शहरों में स्थानीय स्तर पर इन सबको एक साथ बनाए रखने में मदद करें। जैसा कि मूल रूप से लिखा गया है रणनीतिक साझेदारी और गठबंधन को बढ़ावा दें कम से कम 100 नए संभावित गठबंधन बनाएँ और मज़बूत करें, ताकि 1,000 नए लोगों से जान-पहचान हो सके और 5 शहरों में कम से कम 10 ‘क्लाइमेट वीक एंबेसडर’ का नेटवर्क बन सके।
  5. असल में कुछ करना आसान बनाएं—सिर्फ़ समस्या के बारे में सुनकर बुरा महसूस करते हुए घर न लौटें। कुछ ऐसा करें जिसमें आप शामिल हो सकें, कुछ बना सकें, शुरुवात कर सके,चर्चा करके सम्बंधित योजना का आयोजन कर सकें—चाहे आप एक व्यक्ति हों, स्कूल, बिज़नेस या कोई भी , जरूर कुछ तो कीजिये। जैसा कि मूल रूप से लिखा गया है जन-भागीदारी और कार्रवाई को बढ़ावा दें नागरिकों, बिज़नेस और संगठनों को सम्बंधित गतिविधियों और अभियानों में शामिल करके पर्यावरण से जुड़ी कार्रवाई के लिए प्रेरित करें और उसे गति दें।
  6. लोग की बात उन लोगों तक पहुँचाएँ जो निर्णय लेते हैं।इन सभी जगहों पर हुई बातचीतों से जो कुछ सामने आया, उसे लिखा जाए । और इसे आधिकारिक व्यक्ति को सौपें ताकि उन लोगों को निर्णय लेने में आसानी हो सके। जैसा कि मूल रूप से लिखा गया है पॉलिसी पर असर डालने के लिए सामूहिक आवाज़ को बुलंद करें। भाग लेने वालों के सामूहिक मत प्रदर्शन को दर्शाने वाला एक विस्तृत दस्तावेज़ मिलकर तैयार करें, जिसे जनवरी 2026 तक आधिकारिक निर्णय लेने वालों के सामने पेश किया जाएगा, ताकि भविष्य की क्लाइमेट पॉलिसी और कामों पर असर डाला जा सके।

आचार संहिता

हम मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जहाँ हर कोई सुरक्षित, सम्मानित और क्लाइमेट एक्शन में शामिल होने के लिए सशक्त महसूस करे। इन मूल्यों को अपनाकर, हम ‘क्लाइमेट वीक इंडिया’ को सभी के लिए एक सकारात्मक और सार्थक अनुभव बनाते हैं। नीचे ‘क्लाइमेट वीक इंडिया’ के लिए हमारी मिलकर बनाई गई आचार संहिता दी गई है।

किसी भी हेडिंग को पूरा पढ़ने के लिए उस पर बने एरो पर क्लिक करें।

  • सामान्य आचार संहिता क्लाइमेट वीक इंडिया’ में, हम सभी शामिल लोगों के लिए एक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक माहौल बनाने के साझा संकल्प के साथ एक साथ आते हैं। एक समुदाय के तौर पर, हम समझते हैं कि हमारे काम सभी के अनुभव को आकार देते हैं, और हम अपने हर काम में इन सिद्धांतों को अपनाने की कोशिश करते हैं।
  • समावेशिता और सम्मान हम एक-दूसरे के साथ विनम्रता, गरिमा और सम्मान से पेश आते हैं। हम अपने समुदाय में मौजूद विविधता का जश्न मनाते हैं — चाहे वह किसी भी उम्र, लिंग, जातीयता, यौन रुझान, क्षमता, धर्म या पार्श्वभूमि से जुड़ा हो। हम किसी भी तरह के उत्पीड़न, गलत बर्ताव या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करते, चाहे वह आमने-सामने हो या ऑनलाइन। हमारे शब्द और काम एक ऐसी जगह बनाने के हमारे संकल्प को दिखाते हैं जो अपमानजनक टिप्पणियों, डराने-धमकाने, अवांछित ध्यान या नफ़रत फैलाने वाले भाषणों से मुक्त हो। हम मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जहाँ हर कोई खुद को महत्वपूर्ण और सुना हुआ महसूस करे।
  • सुरक्षित भागीदारी हम एक अच्छे माहौल बनाने की ज़िम्मेदारी साझा करते हैं। हमारे समुदाय में शत्रुतापूर्ण या गलत व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है। हम एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं, और जब हम किसी को परेशानी में देखते हैं या ऐसा व्यवहार देखते हैं जो हम सब के लिए खतरा हो, तो हम कदम उठाते हैं — इवेंट स्टाफ़ को सचेत करते हैं ताकि मदद मिल सके। हमारा लक्ष्य यह पक्का करना है कि हर कोई भाग लेने, सीखने और सहयोग करने में सुरक्षित महसूस करे।
  • पेशेवर व्यवहार ईमानदारी हमारे आपसी व्यवहार का आधार है। हम हर जगह और सेशन के नियमों का सम्मान करते हैं, जिसमें समय सीमा और सामग्री के लिए दिशानिर्देश शामिल हैं। हम सभी स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हैं, और हम आयोजकों और वेन्यू स्टाफ़ के निर्देशों को सुनते हैं, यह जानते हुए कि वे हम सभी के लिए एक अच्छा इवेंट आयोजित करने का काम करते हैं।
  • पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी पर्यावरण पर केंद्रित समुदाय के तौर पर, हम पर्यावरण की देखभाल में मिसाल कायम करते हैं। हम तय किए गए कूड़ेदानों का इस्तेमाल करते हैं, कचरा कम करते हैं और जहाँ भी संभव हो, टिकाऊ विकल्प चुनते हैं। हमारे काम धरती के प्रति हमारे साझा संकल्प को दिखाते हैं।

क्लाइमेट वीक इंडिया में हिस्सा लेकर, हम इन मूल्यों को मानते हैं और सभी के लिए एक अच्छे अनुभव का समर्थन करते हैं।